गुरुवार, 2 अगस्त 2012

सवाल ये है कि जवाब कहाँ है?


टीवी सेट के सामने बैठने पर ये यकीन हो जाता है कि बुद्धू बक्सा वो नहीं है बल्कि हम हैं. बाकया कुछ ये है कि परसों के रोज पूरे उत्तर और पूर्वी भारत में ब्लैक आउट था और एक समाचार चैनल पर जोरदार बहस जारी थी...जाहिर सी बात है कि ये बहस पक्ष और विपक्ष के नुमएंदों के बीच हो रही थी. माहौल इतना बिगड़ चुका था कि हाथापाई भी हो सकती थी..दोनों तरफ  से जोरदार बातें चालू थीं और दोनों पक्ष इस कदर वाचाल थे कि ऐसे लग रहा था कि शायद ये मुंबई के मस्जिद बन्दर स्थित बाज़ार का द्रश्य है...जहां विपक्ष सत्ता पक्ष की क़ाबलियत पर सवाल उठा रहा था वही सत्ता पक्ष विपक्ष को इस संकट की घडी में राजनीतिक इरादे बुलंद करने पर सवाल खड़ा कर रहा था..और हम जनता उन सब सवालों का जवाब तलाश रही थी.. 

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