शुक्रवार, 1 मार्च 2013

उपाध्यक्ष शहर आया!!




आज सुबह मुंबई महानगर ने जब आँखें खोली तो पता चला की सबके चहेते 45 वर्षीय युवा राहुल गाँधी आज अपने एक दिन के प्रवास पर मुंबई आ रहे हैं। पूरा कांग्रेसी कुनबा उनके स्वागत के लिए पलक पावडे बिछाए इंतजार में है। कई युवाओं की धड़कन इसलिए तेज़ है क्योंकि युवाओं की धड़कन आज शहर में है। और कई युवा तो धड़कन तेज़ होने के कारण डॉक्टर की सलाह ले रहे हैं। मेरे एक 45 वर्षीय अंकल अपने आपको आज युवा महसूस करे रहे हैं। 

सड़कों पर लगे पोस्टर गवाह है कि नेता सड़क का है और आम आदमी का प्रिय है। मुंबई के चौराहे/सड़क पर श्री राहुल गाँधी के पोस्टर गन्दी सड़क को चमका रहे हैं और अलसाए शुक्रवार को गति दे रहे है। पोस्टरों पर श्री राहुल गाँधी भिन्न भिन्न मुद्रा में शोभनीय है। कई बार लगता है कि शायद चश्मे का विज्ञापन है या मर्दों वाली क्रीम का।कांग्रेसी नेताओं के फोटो पोस्टर पर हैं ऐसा लगता है सबने नहा धोकर फोटो निकाला है। पर राहुल गाँधी के सामने सब फीके हैं.कई बार लगा की ऑटो रिक्शा से उतरकर राहुल गाँधी के पोस्टरों की फोटो ले लूं। पर चलती सड़क पर ये मुनासिब ना हुआ। कहीं पढ़ा सुना सा हैं कि मुंबई मे सड़क चौराहों पर पोस्टर लगाना का नियम क़ानून महानगरपालिका ने बनाये है पर शायद आज वो लागू नहीं है। देश के युवराज आ रहे हैं। नियम है पर जरा समझो।

मुंबई लोकल ट्रेन तैयार है और सभी एटीएम मशीनों में पैसे लबालब भर दिए गए हैं। अंदेशा है की कहीं श्री राहुल किसी एटीएम से पैसे निकालकर  लोकल ट्रेन में ना निकल पडें। पुलिस बंदोबस्त भी रोज़ से ज्यादा है।

जिन रास्तों से श्री राहुलजी गुजरेंगे आम जनता से अनुरोध है कि वहां से ना गुजरे और रास्ता साफ़ होने दें देश का भविष्य वहां से निकल जाए फिर वर्तमान निकले। 

शायद दौरा बहुत ही महतवपूर्ण है क्योंकि उपाध्यक्ष बनने के बाद पहला दौरा है और चुनाव की जिम्मेदारी भी सर पर है इसलिए सभी लोग सीरियस रहें और अपनी जिम्मेदारियों को समझें। और हाँ इसे दौरों की शुरुआत समझा जाए।

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