आज अपने ऐसा वक्तव्य देकर ये सावित कर दिया कि आप सही अर्थशास्त्री हैं..वैसे ये चीज तो भारत का हरेक बच्चा जानता है..अगर पैसे पेड़ पर उगते तो लोग आज पत्तियाँ बीन रहे होते लेकिन ये क्या आपकी सरकार ने तो ये पत्ते बीने वालों को भी नहीं छोटा उस पर भी टैक्स लगा दिया. शायद आप सत्ता के नशे मैं हैं जैसा कि अन्ना बोलते हैं..हाँ एक बात आपको याद दिला दूं आप पहले महंगाई जाने कि तारीख बताते थे..लेकिन अब तो आपने वो भी बताना छोड़ दिया..एक जिम्मेदार प्रधानमंत्री की तरह आपको कुछ तो करना चहिये. मैंने कही पढ़ा था की " हद-इ-मुश्किल से गुजर क्यों नहीं जाते या कश्ती से उतर क्यों नहीं जाते"..महोदय, अभी समय आ गया है "कुर्सी छोडो जनता आती है"
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